इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन शेयर बाजार ने तेज शुरुआत की थी लेकिन बाद में इसकी रफ्तार धीमी हो गई. गुरुवार को सेंसेक्स 219 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ. निफ्टी ने भी गिरावट के साथ कारोबार समेटा है.
गुरुवार को सेंसेक्स 218.78 अंकों की गिरावट के साथ 34,981.02 के स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी की बात करें तो यह 73.30 अंक टूटा है. इस गिरावट के साथ यह 10,526.75 के स्तर पर बंद हुआ है.
कारोबार खत्म होने के दौरान अडानी पोर्ट्स, एलटी, एचडीएफसी और इंफोसिस के शेयर टॉप गेनर में शामिल हुए.
वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा, ग्रासिम, हिंडाल्को, बजाज फाइनेंस और इंडियन ऑयल कंपनी के शेयर लाल निशान के नीचे बंद हुए.
इससे पहले सुबह शेयर बाजार ने तेज शुरुआत की. सेंसेक्स ने 85 अंकों की बढ़त के साथ रफ्तार भरी तो निफ्टी 19 अंकों की मजबूती के साथ खुला.
इससे सेंसेक्स 35284.36 के स्तर पर खुला. निफ्टी ने भी 10618.80 के स्तर पर कारोबार शुरू किया.
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर बन रहे करतारपुर साहिब कॉरिडोर की नींव आज रखी जानी है. ये कॉरिडोर ऐलान के साथ ही राजनीतिक जंग का हिस्सा बन गया है. ऐलान के बाद श्रेय लेने की होड़ मची और अब नींव रखी जाने के दौरान भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है.
पंजाब सरकार में मंत्री एसएस रंधावा ने नींव रखने से पहले शिलापट पर अपने, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पंजाब के अन्य मंत्रियों के नाम के आगे काली टेप लगाई. उन्होंने कहा कि इस पर अकाली-बीजेपी वाले नेताओं का नाम क्यों हैं. वह इसका विरोध कर रहे हैं.
पंजाब सरकार के मंत्रियों का कहना है कि कॉरिडोर बनाने का फैसला आनन-फानन में लिया गया है, केंद्र सरकार को अभी ये भी नहीं पता है कि कॉरिडोर कहां बनाना है. पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि पाकिस्तान ने 28 नवंबर को आधारशिला रखने का कार्यक्रम तय कर दिया है.
उन्होंने कहा कि इसी वजह से आनन-फानन में केंद्र सरकार ने 26 नवंबर को ही पंजाब सरकार को आधारशिला का कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दे दिया. जबकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया जिसे इस कॉरिडोर को बनाना है, उसे अब तक ये ही नहीं पता कि ये कॉरिडोर कहां से निकाला जाएगा और इस कॉरिडोर की आधारशिला कहां रखी जाएगी.
राज्य सरकार में मंत्री सुखविंदर सिंह रंधावा ने कहा कि हरसिमरत कौर बादल ने नवजोत सिद्धू को कौम का गद्दार बताया था, अब वो खुद पाकिस्तान जा रही हैं. वह क्या मुंह लेकर वहां जाएंगी. अकाली दल ने आजतक इस मुद्दे को नहीं उठाया था.
कांग्रेस नेताओं की हो रही अनदेखी
इसके अलावा उन्होंने आधारशिला के कार्यक्रम के दौरान हो रही अनदेखी पर भी सवाल उठाया. ग्रामीण और शहरी विकास मंत्री बाजवा ने केंद्र द्वारा समारोह के लिए व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि "पंजाब के नेताओं और मंत्रियों को वक्ताओं और मंच साझा करने वालों की सूची में कोई स्थान नहीं दिया गया है."
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